लेसन्स फ्रॉम ग्रेट थिंकर्स
विद्रोह करने के बाद ही जागरूकता का जन्म होता है।
अल्बैर कामू
प्रसिद्ध फ्रेंच लेखक और दर्शनशास्त्री थे। 1957 में 44 वर्ष की उम्र में उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला था। द स्ट्रेंजर, द प्लेग, द फॉल, द रिबेल उनकी कुछ चर्चित रचनाएं हैं।
जन्म - 7 नवंबर 1913
निधन - 4 जनवरी 1960
• गलती करने का कारण समझना उन्नति की राह में आगे बढ़ने जैसा है।
• एक तयशुदा उम्र के बाद मनुष्य जैसा है उसका जिम्मेदार वह खुद होता है।
• काम के बिना जीवन बेकार है। लेकिन काम बेकार हो तो ज़िन्दगी बेमतलब लगती है।
• मेरे पीछे न चलिए, शायद मैं नेतृत्व न कर पाऊं। मेरे आगे न चलिए, शायद मैं पीछा करने में विफल रहूं। एक दोस्त बनकर मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलिए। जीवन सुंदर हो जाएगा।
• आप पर्यावरण के बारे में नहीं सोच रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आप खुद को खूबसूरती से दूर रखना पसंद करते हैं।
• डर के कारण किसी की इज्ज़त कर रहे हैं, तो इससे भयानक कुछ भी नहीं है।
• मरने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन किसी को मारने का एक भी कारण नहीं हो सकता।
• विद्रोह करने के बाद ही जागरूकता का जन्म होता है।
• किसी अंतिम निर्णय का इंतज़ार मत करिए, क्योंकि हर दिन नए निर्णय आते हैं।
• असंभव चीजों को हासिल करने के लिए ही हम ईश्वर की तरफ देखते हैं।
• हमेशा लंबी दूरी तय करना, क्योंकि यही वह जगह है जहां आपको सच्चाई मिलेगी।
• धन्य हैं वे दिल जो झुक सकते हैं; उन्हें कभी नहीं तोड़ा जा सकता।
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