A tough lesson I’ve personally learned is that life is unpredictable and sometimes unfair . You can’t control everything that happens to you or around you, and sometimes you have to face situations that are painful, challenging, or disappointing. You may lose someone you love, fail at something you worked hard for, or face injustice or discrimination. These experiences can make you feel angry, sad, or hopeless, but they can also teach you valuable lessons. Some of the lessons I've learned from difficult times are: Humility : I learned to accept my limitations and mistakes, and to appreciate the things I have. I also learned to respect and empathize with others who are going through hard times. Gratitude : I learned to count my blessings and be thankful for the people and opportunities in my life. I also learned to express my gratitude and kindness to others and to not take anything for granted. Resilience : I learned to overcome obstacles and bounce back from setbacks. I also learn...
जनवरी
Roman God Jenus
रोमन देवता "जेनस" के नाम पर जनवरी का नामकरण हुआ। कहते हैं कि उनके दो चेहरे थे। एक से वह आगे और दूसरे से पीछे देखा करते थे। ठीक इसी तरह जनवरी के भी दो चेहरे हैं। एक से वह बीता हुआ वर्ष और दूसरे से आने वाले वर्ष को देखता है। "जेनस" बाद में जनुअरी बना जिसे हिंदी में जनवरी कहा जाता है।
फरवरी लैटिन (Latin) के " फैबरा "से इस महीने का नाम पड़ा जिसका अर्थ है शुद्धि का त्यौहार। तब यूनाानी लोग इसी महीने मेंं अपने घरों की शुद्धि करते थे।
वहां रोमन कैलेंडर में वर्ष का अर्थ अंत फरवरी और शुरुआत मार्च महीने से होता था। तब सभी युद्ध इसी महीने में होते थे। माना जाता है कि मार्च का नामकरण युद्ध के रोमन देवता 'मार्स' के नाम पर हुआ।
अप्रैल महीने की उत्पत्ति लैटिन शब्द 'अपरिरे'(Aperire) से हुई। इसका अर्थ है खुलना क्योंकि यह महीना फूलों के खिलने का होता था।
Aphrodite (Greek goddess of love,& beauty.)
यह भी मानना है कि इस महीने का नाम प्रेम और सौंदर्य की देवी 'एफ़रोडाइट' के नाम पर पड़ा। वही यूनानी देवी 'माइया' को नए पेड़ पौधों की रक्षा का प्रभारी माना जाता था। उनके सम्मान में मई नाम की उत्पत्ति हुई।
Roman goddess juno
रोम के सबसे बड़े देवता 'जीयस' और उनकी पत्नी 'जूनो' ने इस महीने में शादी की थी। जून नाम देवी 'जूनो' के नाम पर ही पड़ा।
king julius caesar
जुलाई का नाम राजा 'जूलियस सीजर' पर रखा गया। वह रोम के महान शासकों में से एक थे। उनका जन्म और मृत्यु दोनों इसी महीने में हुई थी इसलिए उनके सम्मान में इस महीने का नाम जुलाई कर दिया गया।
Augustus Caesar
अगस्त महीने का नाम 'जुलयस सीजर' के भतीजे आगस्टन सीजर के नाम पर रखा गया जो बाद में केवल अगस्त रह गया।
सितंबर लेटिन शब्द 'सेप्तम' यानी सात और बर यानी वां से मिलकर सितंबर शब्द बना जिसका अर्थ है सातवा। रोम में इसे September कहा जाने लगा। यह आगे चलकर नौवां महीना बन गया।
रोमन के लिए अक्टूबर आठवां महीना हुआ करता था। इसलिए इसका नाम लैटिन शब्द में 'आक्ट' रखा गया जिसका मतलब है 'आठ'। अक्टूबर बाद में दसवां महीना बन गया।
नवंबर नौवां महीना माना जाता था जिसे लैटिन शब्द 'नोवेम' से लिया गया जिसका मतलब है नौवां। फिर यह 11 वा महीना बन गया आक्ट और नोवेम के आखिर में लैटिन शब्द 'बर' यानी वां जोड़ा गया।
वर्ष का आखरी महीना दिसंबर का नाम भी अंक के आधार पर पड़ा। दिसंबर महीना लैटिन शब्द 'डिसेम' से लिया गया जिसका अर्थ है दस। पर आगे चलकर यह साल का 12वां महीना बन गया। डिसेम के साथ लैटिन शब्द 'बर' यानी वां जोड़ा गया तब यह December बना जिसे हिंदी में दिसंबर कहा जाता है।
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